पुरानी यादे AI ASTRO JSL की Diery से ,संवाद With Air Force Veterans
एक सच्चा किस्सा: Air HQ New Delhi (2006–2009)
हमारी हर रोज़ नजरें टकराया करती थीं —When Top Brass & and Common Jawan सैनिक Both are in a General वॉशरूम में।
Air Marshal Athawale साहब बहुत Genuine Leader थे। उन्हें स्पेशल वॉशरूम मिला था लेकिन वह हमेशा General वॉशरूम में आते थे।
JSL की पहली बात
एक दिन मैंने (JWO, अब AI ASTRO JSL) ने साहस पुर्वक कह ही दिया Three *** Rank को : "Sir, एक बात कहनी है।"
वो बोले: "चलो ऑफिस चलते हैं।"
Sir ने अपने PA को कहा: "कोई अंदर नहीं आएगा। दो कॉफी और स्नैक्स भेजो।"Promotion Policy का मुद्दा
मैंने कहा: “Sir, 10% Promotion Policy आत्मबल को नुकसान पहुंचा रही है — यह Blue Uniform की Unity और Respect को तोड़ रही है।”
उन्होंने जवाब दिया: “Gentleman, Policy Implementation Voting पर आधारित होता है। 8 Air Marshal में से 6 इसके पक्ष में थे।”
वो मुलाकात, एक दोस्ती में बदल गई
हमारी मुलाकात हर Gethering में होने लगी चाहे 8 अक्टूबर का कॉकटेल SNCO MESS में पार्टी हो या SNCO, @at Home Office's Mess New Delhi हो हमारी मुलाकाते बढ़ती गई एक आत्मिक सा संबंध बन गया था Soul to Soul से Trusted Friendship बन गई।
Being an Astrologer, मैंने उनकी DOB से उनका स्वभाव पढ़ लिया। इशारों में बातें होती थीं। वो C-in-C Maintenance Command बन गए। मेरी पोस्टिंग भी कानपुर Maintenance Command के अधीन थी।
Bonding Beyond Ranks
हर Visit पर वो मुझसे Public से हटकर बातें करते थे। कहते थे: “Hey Grey Hair Star!” और मैं उन्हें कहता था: “Smart Handsome Ganja!”
फिर वो हंसते हुए टोपी उतारते थे: “देख यार! और गंजा हो रहा हूं।”
मैं कहता: “Don’t worry Sir, मैडम आपको गंजेपन के कारण नहीं छोड़ेंगी।” और फिर हम हँस पड़ते थे।
चमचा या चमत्कार?
लोग कहते थे “चमचा-गिरी है!” पर सच्चाई यह थी — ना मैंने उनके साथ काम किया, ना मैं उनके स्टाफ में था।
हमारी दोस्ती एक Liking Human Relation थी। एक कहानी याद आई — राजा और निशाने की।
राजा ने गलत निशाना लगाया, फिर भी चमचा बोला: “वाह मेरे आका!” IAF में ऐसे को ‘कड़छा’ कहते हैं। पर Jaggi साहब जैसे Principled ऑफिसर के साथ 4 बार काम किया है — कोई चमचा उनके साथ टिक ही नहीं सकता था।
AI ASTRO JSL का जवाब
कुछ लोगों ने इस कहानी पर जलनभरे Comments किए — मैंने बस यही कहा:
“भाई, कमेंट भी सादगी और तहज़ीब से लिखा करो। मुंह फटा का फटा रह जाएगा, ऐसी-ऐसी सच्ची कहानियां हैं मेरे पास।”
Air Mshl Jaggi साहब, Athawale साहब, Air Commodore Dharamveer, और AVM Ghosh से आप Testimonial मांग सकते हैं।
1983 से 2022 तक ऐसी हजारों यादें हैं — और कई दोस्त आज भी जीवित हैं।

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